Gold Rate Today : सोना, भारत में एक धातु से कहीं बढ़कर है—यह संस्कृति, परंपरा और निवेश का प्रतीक है। चाहे शादी हो, त्योहार हो या निवेश का निर्णय, सोने का महत्व कभी कम नहीं होता। लेकिन क्या आप जानते हैं कि 4 जुलाई 2025 को सोने का भाव क्या है और यह वैश्विक स्तर पर कैसे प्रभावित हो रहा है? इस लेख में हम भारत और अंतरराष्ट्रीय बाजार में सोने की कीमतों, उनके उतार-चढ़ाव के कारणों और निवेश के अवसरों पर गहराई से चर्चा करेंगे। आइए, सोने के बाजार की ताजा जानकारी प्राप्त करें।
भारत में आज का सोने का भाव
Gold Rate Today : 4 जुलाई 2025 को भारत में 24 कैरेट सोने की कीमत लगभग ₹97,340 प्रति 10 ग्राम और 22 कैरेट सोने की कीमत ₹89,160 प्रति 10 ग्राम है। यह जानकारी भारतीय बुलियन ज्वैलर्स एसोसिएशन (IBJA) के आधार पर है, जो अंतरराष्ट्रीय कीमतों, रुपये-डॉलर विनिमय दर और आयात शुल्क को ध्यान में रखकर कीमतें तय करती है। शहरों के आधार पर कीमतों में मामूली अंतर देखा जाता है—उदाहरण के लिए, दिल्ली में 24 कैरेट सोना ₹97,480 और मुंबई में ₹97,300 प्रति 10 ग्राम है। ये कीमतें स्थानीय कर (3% GST), मेकिंग चार्जेस और परिवहन लागत के कारण भिन्न होती हैं।
वैश्विक बाजार में सोने की कीमत
अंतरराष्ट्रीय स्तर पर, लंदन बुलियन मार्केट एसोसिएशन (LBMA) द्वारा तय की गई सोने की कीमत आज $2,650 प्रति औंस (लगभग 31.1 ग्राम) के आसपास है। यह पिछले महीने की तुलना में 8.7% अधिक है, जो वैश्विक आर्थिक अनिश्चितता और भू-राजनीतिक तनावों (जैसे इजरायल-ईरान संघर्ष) के कारण मांग में वृद्धि को दर्शाता है। अमेरिकी डॉलर की मजबूती और फेडरल रिजर्व की ब्याज दर नीतियों का भी सोने की कीमतों पर असर पड़ता है। जब डॉलर कमजोर होता है, तो सोने की कीमतें बढ़ती हैं, क्योंकि यह निवेशकों के लिए सस्ता हो जाता है। भारत में, रुपये की कमजोरी (1 USD = ₹84.5) के कारण आयातित सोने की लागत बढ़ी है।
कीमतों को प्रभावित करने वाले कारक
सोने की कीमतें कई कारकों से प्रभावित होती हैं। वैश्विक स्तर पर, आपूर्ति-मांग, मुद्रास्फीति और केंद्रीय बैंकों की नीतियाँ अहम हैं। भारत में, आयात शुल्क (10%) और जीएसटी (3%) के साथ-साथ त्योहारी मांग (धनतेरस, दीवाली) कीमतों को बढ़ाती है। हाल के आंकड़ों के अनुसार, 2024 में भारत ने 849 मेट्रिक टन सोना आयात किया, जो वैश्विक मांग का 25% है। इसके अलावा, वैश्विक घटनाएँ जैसे युद्ध या आर्थिक मंदी सोने को सुरक्षित निवेश बनाती हैं, जिससे इसकी मांग बढ़ती है।
सोने में निवेश के विकल्प
सोना निवेशकों के लिए कई रूपों में उपलब्ध है। भौतिक सोना (सिक्के, बार, आभूषण) पारंपरिक विकल्प है, लेकिन इसमें मेकिंग चार्जेस (5-20%) और भंडारण जोखिम शामिल हैं। सॉवरेन गोल्ड बॉन्ड्स (SGBs) 2.5% ब्याज और पूंजीगत लाभ कर में छूट के साथ सुरक्षित हैं। गोल्ड ईटीएफ और डिजिटल गोल्ड कम लागत और लचीलापन प्रदान करते हैं। MMTC-PAMP जैसे विश्वसनीय ब्रांड 99.9% शुद्धता वाले 11.66 ग्राम (1 तोला) सोने के सिक्के पेश करते हैं। निवेश से पहले BIS हॉलमार्क की जांच जरूरी है।
खरीदारी के लिए टिप्स
सोना खरीदते समय, BIS हॉलमार्क की जांच करें, जो 24 कैरेट (99.9% शुद्ध) और 22 कैरेट (91.6% शुद्ध) की गारंटी देता है। विश्वसनीय ज्वैलर्स जैसे तनिष्क या MMTC-PAMP से खरीदें। मेकिंग चार्जेस पर बातचीत करें और डिजिटल गोल्ड या SGBs जैसे विकल्पों पर विचार करें। नवीनतम कीमतों के लिए मनीकंट्रोल, लाइवमिंट और IBJA की वेबसाइट्स की जांच करें। 4 जुलाई 2025 को भारत में सोने का भाव ₹97,340 प्रति 10 ग्राम (24 कैरेट) है, जो वैश्विक और स्थानीय कारकों से प्रभावित है। सोना निवेश के लिए सुरक्षित और सांस्कृतिक रूप से महत्वपूर्ण है। चाहे आप आभूषण खरीद रहे हों या निवेश कर रहे हों, सूचित निर्णय लेने के लिए बाजार के रुझानों को समझें। नवीनतम अपडेट्स के लिए विश्वसनीय स्रोतों से जुड़े रहें और अपने वित्तीय भविष्य को सुनहरा बनाएँ।










